दीपावली पूजन विधि और मंत्र | Diwali Poojan Vidhi Aur Mantr

दीपावली पूजन विधि

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दीपावली पूजन विधि और मंत्र

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यह स्वंय शिवजी द्वारा माता जगदम्बा से कही गई एक पवित्र कथा है। आप भी विस्तार पूर्वक पढ़े:
शिव-शक्ति श्रीराम मिलन (संपूर्ण भाग) 🌞

दीपावाली पूजन के लिए जरूरी सामग्री:

कलावा, रोली, सिंदूर, एक नारियल, कलश, कलश हेतु आम का पल्लव, अक्षत, लाल वस्त्र, फूल, पांच सुपारी, लौंग, पान के पत्ते, घी, चौकी, समिधा, हवन कुण्ड, हवन सामग्री, कमल गट्टे, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल), फल, बताशे, मिठाईयां, पूजा में बैठने हेतु आसन, हल्दी, अगरबत्ती, कुमकुम, इत्र, दीपक, रूई, आरती की थाली। कुशा, रक्त चंदनद, श्रीखंड चंदन।

दीपावाली पूजन की इस तरह करें तैयारी:

दीपावली पूजन शुरू करने से पहले श्री गणेश लक्ष्मी के विराजने के स्थान पर मनमोहक रंगोली बनाएं। आप जिस चौकी पर पूजन कर रहे हैं उसके चारों कोने पर एक-एक दीपक अवश्य जलाएं। इसके बाद प्रतिमा स्थापित करने वाले स्थान पर कच्चे चावल रखें और फिर गणेश लक्ष्मी की प्रतिमा को विराजमान करें। मान्यता है इस दिन लक्ष्मी, गणेश के साथ कुबेर, सरस्वती एवं काली माता की पूजा का भी विधान है अगर इनकी मूर्ति भी उपलब्ध हो तो उन्हें भी पूजन स्थल पर विराजमान करें। शास्त्रों मे ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु की पूजा के बिना देवी लक्ष्मी की पूजा अधूरी ही रहती है। इसलिए भगवान विष्ण के बायीं ओर रखकर ही देवी लक्ष्मी की पूजा करें।

दीपावाली पूजन विधि और मंत्र:

दिपावाली पूजन पवित्र मंत्र से आरंभ करें:
“ॐ अपवित्र: पवित्रोवा सर्वावस्थां गतोऽपिवा।
य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तर: शुचि:॥”
इन मंत्रों से अपने ऊपर तथा आसन और पूजन सामग्री पर 3-3 बार कुशा या पुष्पादि से छींटें लगाएं।
अब आचमन करें:- ॐ केशवाय नम:, ॐ माधवाय नम:, ॐ नारायणाय नम:,
फिर हाथ धोएं।

अब इस मंत्र से आसन शुद्ध करें:
ॐ पृथ्वी त्वयाधृता लोका देवि त्यवं विष्णुनाधृता।
त्वं च धारयमां देवि पवित्रं कुरु चासनम्॥
अब चंदन लगाएं: अनामिका उंगली से श्रीखंड चंदन लगाते हुए यह मंत्र बोलें:
चन्दनस्य महत्पुण्यम् पवित्रं पापनाशनम्,
आपदां हरते नित्यम् लक्ष्मी तिष्ठ सर्वदा।

दीपावली पूजन विधि के लिए संकल्प मंत्रः

बिना संकल्प के पूजन सम्पूर्ण नहीं होता इसलिए संकल्प अवश्य करें। पुष्प, फल, सुपारी, पान, चांदी का सिक्का, नारियल (पानी वाला), मिठाई, मेवा, आदि सभी सामग्री थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लेकर यह संकल्प मंत्र बोलें:

कृपया स्वयं ही कुछ बदलाव करे जैसे: “मासे” “तिथौ” “गोत्र” “नाम”

ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णु:, ॐ तत्सदद्य श्री पुराणपुरुषोत्तमस्य विष्णोराज्ञया प्रवर्तमानस्य ब्रह्मणोऽह्नि द्वितीय पराद्र्धे श्री श्वेतवाराहकल्पे सप्तमे वैवस्वतमन्वन्तरे, अष्टाविंशतितमे कलियुगे, कलिप्रथम चरणे जम्बुद्वीपे भरतखण्डे आर्यावर्तान्तर्गत ब्रह्मवर्तैकदेशे पुण्य (अपने नगर/गांव का नाम लें) क्षेत्रे बौद्धावतारे वीर विक्रमादित्यनृपते : 2078, तमेऽब्दे परिधावी नाम संवत्सरे दक्षिणायने हेमंत ऋतो महामंगल्यप्रदे मासानां मासोत्तमे कार्तिक मासे कृष्ण पक्षे अमावस तिथौ रविवासरे चित्रा नक्षत्रे आयुष्मान योगे विष्कुंभ चतुष्पद करणादिसत्सुशुभे योग (गोत्र का नाम लें) गोत्रोत्पन्नोऽहं अमुकनामा (अपना नाम लें) सकलपापक्षयपूर्वकं सर्वारिष्ट शांतिनिमित्तं सर्वमंगलकामनया– श्रुतिस्मृत्यो- क्तफलप्राप्तर्थं— निमित्त महागणपति नवग्रहप्रणव सहितं कुलदेवतानां पूजनसहितं स्थिर लक्ष्मी महालक्ष्मी देवी पूजन निमित्तं एतत्सर्वं शुभ-पूजोपचारविधि सम्पादयिष्ये।

कलश की पूजा करेंः

कलश पर मौली (कलावा) बांधकर ऊपर आम का पल्लव रखें। कलश में सुपारी, दूर्वा, अक्षत और सिक्का रखें। तथा नारियल पर वस्त्र लपेटकर कलश पर रखें। अब हाथ में अक्षत और पुष्प लेकर वरुण देवता का कलश में आह्वान करें।

ओ३म् त्तत्वायामि ब्रह्मणा वन्दमानस्तदाशास्ते यजमानो हविभि:।
अहेडमानो वरुणेह बोध्युरुशंस मान आयु: प्रमोषी:।
(अस्मिन कलशे वरुणं सांग सपरिवारं सायुध सशक्तिकमावाहयामि, ओ३म्भूर्भुव: स्व:भो वरुण इहागच्छ इहतिष्ठ। स्थापयामि पूजयामि॥)

गणेश पूजा मंत्र विधिः

नियमानुसार सबसे पहले श्री गणेश जी की पूजा करें। अब हाथ में फूल लेकर गणेश जी का ध्यान करें। और मंत्र बोलें:

गजाननम्भूतगणादिसेवितं कपित्थ जम्बू फलचारुभक्षणम्।
शोक विनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपंकजम्।

आवाहन मंत्र:

हाथ में अक्षत लेकर बोलें:- ॐ गं गणपतये इहागच्छ इह तिष्ठ।। अक्षत पात्र में अक्षत छोड़ें।

पद्य, आर्घ्य, स्नान, आचमन मंत्र:- एतानि पाद्याद्याचमनीय-स्नानीयं, पुनराचमनीयम् ॐ गं गणपतये नम:।
इस मंत्र से चंदन लगाएं:- इदम् रक्त चंदनम् लेपनम् ॐ गं गणपतये नम:,
इसके बाद:- इदम् श्रीखंड चंदनम् बोलकर श्रीखंड चंदन लगाएं।
अब सिन्दूर लगाएं “इदं सिन्दूराभरणं लेपनम् ॐ गं गणपतये नम:।
दूर्वा और विल्बपत्र भी गणेश जी को चढ़ाएं। गणेश जी को लाल वस्त्र पहनाएं और मंत्र बोले:- इदं रक्त वस्त्रं ॐ गं गणपतये समर्पयामि।

गणेश जी को प्रसाद चढ़ाएं:-
इदं नानाविधि नैवेद्यानि ॐ गं गणपतये समर्पयामि:।
मिठाई अर्पित करने के लिए मंत्र:- इदं शर्करा घृत युक्त नैवेद्यं ॐ गं गणपतये समर्पयामि:।
अब आचमन कराएं:- इदं आचमनयं ॐ गं गणपतये नम:।
इसके बाद पान सुपारी दें:- इदं ताम्बूल पुगीफल समायुक्तं ॐ गं गणपतये समर्पयामि:।
अब एक फूल लेकर गणपति पर चढ़ाएं और बोलें:- एष: पुष्पान्जलि ॐ गं गणपतये नम:।

कलश पूजन के बाद कुबेर और इंद्र सहित सभी देवी देवताओं की पूजा गणेश पूजन की तरह करें। बस गणेश जी के स्थान पर संबंधित देवी-देवताओं के नाम लें।

लक्ष्मी पूजन विधि मंत्र

सबसे पहले माता लक्ष्मी का ध्यान करेंः-
ॐ या सा पद्मासनस्था, विपुल-कटि-तटी, पद्म-दलायताक्षी।
गम्भीरावर्त-नाभिः, स्तन-भर-नमिता, शुभ्र-वस्त्रोत्तरीया।।
लक्ष्मी दिव्यैर्गजेन्द्रैः।
ज-खचितैः, स्नापिता हेम-कुम्भैः।
नित्यं सा पद्म-हस्ता, मम वसतु गृहे, सर्व-मांगल्य-युक्ता।।

अब हाथ में अक्षत लेकर बोलें:-
“ॐ भूर्भुवः स्वः महालक्ष्मी, इहागच्छ इह तिष्ठ, एतानि पाद्याद्याचमनीय-स्नानीयं, पुनराचमनीयम्।”
प्रतिष्ठा के बाद स्नान कराएं:- ॐ मन्दाकिन्या समानीतैः, हेमाम्भोरुह-वासितैः स्नानं कुरुष्व देवेशि, सलिलं च सुगन्धिभिः॥
ॐ लक्ष्म्यै नमः॥
इदं रक्त चंदनम् लेपनम् से रक्त चंदन लगाएं।
इदं सिन्दूराभरणं से सिन्दूर लगाएं।
‘ॐ मन्दार-पारिजाताद्यैः, अनेकैः कुसुमैः शुभैः।
पूजयामि शिवे, भक्तया, कमलायै नमो नमः॥
ॐ लक्ष्म्यै नमः, पुष्पाणि समर्पयामि। ’इस मंत्र से पुष्प चढ़ाएं फिर माला पहनाएं।
अब लक्ष्मी देवी को इदं रक्त वस्त्र समर्पयामि कहकर लाल वस्त्र पहनाएं।

देवी लक्ष्मी की अंग पूजा मंत्र एवं विधि

बाएं हाथ में अक्षत लेकर दाएं हाथ से थोड़ा-थोड़ा अक्षत छोड़ते जाएं:- ॐ चपलायै नम: पादौ पूजयामि,
ॐ चंचलायै नम: जानूं पूजयामि,
ॐ कमलायै नम: कटि पूजयामि,
ॐ कात्यायिन्यै नम: नाभि पूजयामि,
ॐ जगन्मातरे नम: जठरं पूजयामि,
ॐ विश्ववल्लभायै नम: वक्षस्थल पूजयामि,
ॐ कमलवासिन्यै नम: भुजौ पूजयामि,
ॐ कमल पत्राक्ष्य नम: नेत्रत्रयं पूजयामि,
ॐ श्रियै नम: शिरं: पूजयामि।

अष्टसिद्धि पूजन मंत्र और विधि

अंग पूजन की भांति हाथ में अक्षत लेकर मंत्र बोलें:-
ॐ अणिम्ने नम:,
ॐ महिम्ने नम:,
ॐ गरिम्णे नम:,
ॐ लघिम्ने नम:,
ॐ प्राप्त्यै नम:,
ॐ प्राकाम्यै नम:,
ॐ ईशितायै नम:,
ॐ वशितायै नम:।

अष्टलक्ष्मी पूजन मंत्र और विधि

अंग पूजन एवं अष्टसिद्धि पूजा के ही भांति हाथ में अक्षत लेकर मंत्रोच्चारण करें:-
ॐ आद्ये लक्ष्म्यै नम:,
ॐ विद्यालक्ष्म्यै नम:,
ॐ सौभाग्य लक्ष्म्यै नम:,
ॐ अमृत लक्ष्म्यै नम:,
ॐ लक्ष्म्यै नम:,
ॐ सत्य लक्ष्म्यै नम:,
ॐ भोगलक्ष्म्यै नम:,
ॐ योग लक्ष्म्यै नम:

प्रसाद अर्पित करने का मंत्र

इस मंत्र से नैवैद्य अर्पित करें:- ”इदं नानाविधि नैवेद्यानि ॐ महालक्ष्मियै समर्पयामि”
मिठाई अर्पित करने के लिए मंत्र:- “इदं शर्करा घृत समायुक्तं नैवेद्यं ॐ महालक्ष्मियै समर्पयामि” बालें।
प्रसाद अर्पित करने के बाद आचमन कराएं:- इदं आचमनयं ॐ महालक्ष्मियै नम:।
इसके बाद पान सुपारी चढ़ाएं:- इदं ताम्बूल पुगीफल समायुक्तं ॐ महालक्ष्मियै समर्पयामि।
अब एक फूल लेकर लक्ष्मी देवी पर चढ़ाएं और बोलें:- एष: पुष्पान्जलि ॐ महालक्ष्मियै नम:।

लक्ष्मी देवी की पूजा के बाद भगवान विष्णु एवं शिव जी की पूजा करने का विधान है। व्यापारी लोग अपने गल्ले की पूजा करते है। पूजन के बाद क्षमा प्रार्थना और आरती करें। सब होने के उपरांत अपने-अपने स्थान पर पुनः बैठ जाए और सभी को दीपावली पर्व की कथा अवश्य सुनाऐ।

#जयश्रीविष्णु🚩 #जयमॉंलक्ष्मी🚩 #जयश्रीगणेश🚩

Diwali Poojan Vidhi Aur Mantr

हिन्दीEnglish

Ingredients Required for Diwali Puja:

Kalava, Roli, Vermilion, a coconut, Kalash, Mango for the vase, Akshat, red clothes, flowers, five betel nuts, cloves, betel leaves, Ghee, Chowki, Samidha, Havan Kund, Havan material, Lotus Gatte, Panchamrit ( Milk, curd, ghee, honey, Gangajal), fruits, sweets, sweets, seat for worship, turmeric, incense sticks, kumkum, perfume, lamp, cotton, aarti plate. Kusha, blood sandalwood, shrikhand sandalwood.

Prepare for Diwali Puja like this:

Before starting the Diwali Puja, make a beautiful Rangoli at the place of Lord Ganesha Lakshmi. Be sure to light a lamp at each of the four corners of the post on which you are worshiping. After this, place raw rice at the place where the idol is installed and then sit the idol of Ganesha Lakshmi. It is believed that along with Lakshmi, Ganesha, there is also a law to worship Kuber, Saraswati and Kali Mata, if their idols are also available, then they should also be placed at the place of worship. It is believed in the scriptures that the worship of Goddess Lakshmi remains incomplete without the worship of Lord Vishnu. Therefore, worship Goddess Lakshmi only by keeping it on the left side of Lord Vishnu.

Deepawali Worship Method and Mantra:

Begin the Deepawali Puja with the Holy Mantra:
“Om apavitrah pavitova sarvavastam gatoऽpiva.
ya smareta pundarikasam sa barhyaabhyantarah shuchih”
With these mantras, sprinkle Kusha or Pushpadi 3 times on yourself and on the seat and worship material.
Now pray:-
Om Keshavay Namah, Om Madhavaya Namah, Om Narayanaya Namah,
Then wash your hands.

Now purify the posture with this mantra:
Om Prithvi Tvayadhrita Loka Devi Tyvam Vishnunadhrita.
Tvam cha dharayama devi pavitram kuru chasanam.
Now apply sandalwood: While applying Shrikhand sandalwood with ring finger, say this mantra:
chandansya mahatpunyam pavitram papanashanam,
Aapadaam harte nityam lakshmi tishtha sarvada.

Sankalp Mantra for Deepawali Worship Method:

Worship is not complete without resolution, so make sure to do it. Take flowers, fruits, betel nut, betel leaf, silver coin, coconut (water), sweets, dry fruits, etc., in small quantities and say this resolution mantra:

Please do some changes on your own like: “Maase” “Tithou” “Gotra” “Name”

Om Vishnuvishnuvishnuh, Om Tatsdagh Shri Puradpursotamasy Vishdoragya Pravartmanasya Brahdoahi Duitya Pradrdhe Shri Swetwarahkalpe Saptame Vaivaswatamanvantre, Astavimsatitme Kalyuge, Kalipratham Charne Jambudwipe Bharatkhande Aaryavartantrgat Brahvartekdese Punya (name your town/village) Chetre Bodhavatare Veer Vikramadityanrapate :2078 Tamebade Paridhavi Naam Samvatsare Dakchidayane Hemant Rito Mahamangalyaprade Masanam Masottame Kartik Maase Krishna Pakshae Amavas Titho Ravivasare Chitra Nakshatre Ayushman Yoge Vishkumbh Chatushpad Karanadisatsusubhe Yoga (Take the name of the gotra) Gotratpannonham Amukatanama (Take your name) Saklapapakshaypurvakam Sarvaarishta Santhinimattam Sarvmangalkaamnya- Srutismratyo- Okatfalpraptarth- Nimitta Mahagadapati navgrahpranav Sahitam kuldevatanaam pujansahitam Isthir Lakshmi Mahalakshmi Devi Pujan Nimittam etatsarvam Suvha-pujopcharvidhi Sampaadisyaye.

Worship the Kalash:

Tie a Mauli (Kalava) on the Kalash and place a Mango Pallava on top. Keep betel nut, durva, akshat and coin in the Kalash. And wrap the cloth on the coconut and keep it on the Kalash. Now take Akshat and flowers in hand and invoke Varuna in the Kalash.

Om tattvayami brahmana vandamanastadashaste yajmano havibhi.
Ahadmano varuneh bodhyurshanas maan aayu pramoshi:.
(Asmin Kalashe Varunam Song Saparivaram Sayudh Sashtikamavahyaami, ombhurbhuva: Svahbho Varuna Ihagachha Ihitishtha. Isthapyaami pujyaami.

Ganesh Puja Mantra Method:

According to the rules, first of all worship Lord Ganesha. Now meditate on Ganesha with flowers in hand. And say the mantra:

Gajanambhutaganadisevitam kapittha jambu phalacharubhakshanam.
Saok vinaskarakam namami vighneswarpaadpankjam.

Invocation Mantra:

With akshat in hand, say:- Om Gam Ganapataye Ihagachchh Ih Tishtha. Leave intact in intact pot.

Pady, Arghya, Isnaan, Achaman Mantra:- Etani Padyadyachamiya-Snaniyam, Punarachamaniyam Om Gam Ganapataye Namah.
Apply sandalwood with this mantra:- Idam rakta chandanam lepanam om gan ganpataye namah,
After this:- Apply Shrikhand Chandn by saying:- ‘Idam Shrikhand Chandanam’.
Now apply vermilion:- “Idam sindurabharanam lepanam om gan ganpataye namah.
Offer Durva and Vilbpatra to Lord Ganesha. Dress Ganesh ji in red clothes and chant the mantra:- ‘Idam Rakt Vastram Om Ganapatiye Samarpayami’.

Offer prasad to Ganesh ji:-
Idam Nanavidhi Naivedyani Om Gana Ganapataye Samarpayami:.
Mantra for offering sweets:- Idam sharkara ghrat youkt naivedyam Om Gam Ganapataye Samarpayami:.
Now get the aaman:- Idam aachmanayam om gan ganpatiye namah.
After this give betel leaf:- Idam Tambool Pugifal Samayuktam Om Gan Ganapataye Samparpayam:.
Now take a flower and offer it to Ganapati and say:- Esha Pushpanjali Om Gam Ganapataye Namah.

After worshiping the Kalash, worship all the deities including Kuber and Indra like Ganesh Puja. Just take the names of the respective deities instead of Ganesha.

Lakshmi Puja Vidhi Mantra

First of all meditate on Mata Lakshmi:-
Om ya Sa Padmasanastha, Vipul-Kati-Tati, Padma-Dalayatakshi.
Gambhirvarta-navhi, istan-bhar-namita, shubhra-vastrotriya.
Lakshmi Divyargajendrai.
Ja-khachitaih, snapita hema-kumbhaiah.
Nityam sa padma-hasta, mam vastu grahe, sarva-mangalya-yukta.

Now take Akshat in hand and say :-
“Om bhurbhuvah svah mahalakshmi, ihagachha eh tishtha, etani padyadyachamiya-snaniyam, punarachamaniyam.”
Take a bath after consecration:- om mandakinya samanitaih, hemambhoruh-vasitaih snanam kurusva deveshi, salilam cha sugandhibhih.
Om Laxmiai Namah.
Apply Rakta Chandan with:- Idam Rakta Chandanam Lepanam.
Apply sindur with:- Idam Sindurabharanam.
Om mandar-parijatadayah, anekaiah kusumaih shubhaih.
Pujayami Shivay, Bhaktaya, Kamalayai Namo Namah.
Om Laxmiai Namah, Pushpani Samarpayami. Offer flowers with this mantra and then garland.
Now wear red clothes to Lakshmi Devi by saying ‘Idam Rakta Cloth Samarpayami’.

Goddess Lakshmi’s organ worship mantra and method

Taking the Akshat in the left hand, leave the Akshat little by little with the right hand:- Om Chaplayai Namah: Padau Pujayami,
Om Chanchalayai Namah: Janum Pujayami,
Om Kamalai Namah: Kati Pujayami,
Om Katyayinai Namah: Navhi Pujayami,
Om Jaganmatare Namah: Jatharam Pujayami,
Om Vishwavallabhai Namah: Vakchisthal Pujayam,
Om Kamalvasinai Namah: Bhujau Pujayami,
Om Kamal Patrakshya Namah: Nettrayam Pujayami,
Om Shriyai Namah: Shiram Pujayami.

Ashtasiddhi Puja Mantra and Method

Like organ worship, take akshat in hand and say the mantra:-
Om Adimne Namah,
Om Mahimane Namah,
Om Garimade Namah,
Om Laghimne Namah,
Om Pratyai Namah,
Om Prakamyai Namah,
Om Ishitaiye Namah,
Om Vashitaiye Namah.

Ashtalakshmi Puja Mantra and Method

Like Anga Puja and Ashtasiddhi Puja, take akshat in hand and chant:-
Om Aade Laxmiai Namah,
Om Vidyalakshmyai Namah,
Om Saubhagya Laxmiy Namah,
Om Amrit Laxmiy Namah,
Om Lakshmiy Namah,
Om Satya Laxmiaiy Namah,
Om Bhogalakshmyai Namah,
Om Yoga Lakshmyai Namah:

mantra for offering prasad

Offer naivedya with this mantra:- “Idam Nanavidhi Naivedyani Om Mahalakshmiyai Samarpayami”
Mantra for offering sweets:- “Idam sarkara ghrita samayuktam naivedyam om mahalakshmiyi samparpayami”.
After offering prasad, make achaman:- idam aachmanayam om mahalaxmiyai namah.
After this offer betel betel leaf:- Idam Tambool Pugifal Samyuktam Om Mahalakshmiyi Samarpayami.
Now take a flower and offer it to Goddess Lakshmi and say:- ‘Esh: Pushpanjali Om Mahalakshmiyai Namah’.

After worshiping Goddess Lakshmi, there is a law to worship Lord Vishnu and Shiva. Merchants worship their galley. After worship, pray for forgiveness and do aarti. After all, sit again in your respective places and tell everyone the story of Diwali festival.

#JayshreeVishnu🚩 #JayMaLakshmi🚩 #JayshreeGanesh🚩

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