१८. स्वर्गारोहणपर्व- महाभारत


॥ श्री गणेशाय नमः ॥
॥ श्री कमलापति नम: ॥
॥ श्री जानकीवल्लभो विजयते ॥
॥ श्री गुरूदेवाय नमः ॥
दान करें

Paytm-1

Paytm-2

PayPal

यह स्वंय शिवजी द्वारा माता जगदम्बा से कही गई एक पवित्र कथा है। आप भी विस्तार पूर्वक पढ़े:
शिव-शक्ति श्रीराम मिलन (संपूर्ण भाग) 🌞





मुख पृष्ठमहाभारत१८. स्वर्गारोहणपर्व

स्वर्गारोहणपर्व

महाभारत
(हिन्दी में)
सब एक ही स्थान पर

१८. स्वर्गारोहणपर्व- महाभारत

स्वर्गारोहण पर्व में कुल 5 अध्याय हैं। इस पर्व के अन्त में महाभारत की श्रवणविधि तथा महाभारत का माहात्म्य वर्णित है। इस पर्व के प्रथम अध्याय में स्वर्ग में नारद के साथ युधिष्ठिर का संवाद और द्वितीय अध्याय में देवदूत द्वारा युधिष्ठिर को नरकदर्शन और वहाँ भाइयों की चीख-पुकार सुनकर युधिष्ठिर का वहीं रहने का निश्चय वर्णित है। तृतीय अध्याय में इन्द्र और धर्म द्वारा युधिष्ठिर को सांत्वना प्रदान की जाती है।युधिष्ठिर शरीर त्यागकर स्वर्गलोक चले जाते हैं। चतुर्थ अध्याय में युधिष्ठिर दिव्य लोक में श्री कृष्ण और अर्जुन से मिलते हैं। पंचम अध्याय में वहीं भीष्म आदि स्वजन भी अपने पूर्व स्वरूप में मिलते हैं। तत्पश्चात महाभारत का उपसंहार वर्णित है। 

स्वर्गारोहण 

इंद्र युधिष्ठिर को स्वर्ग ले गए। वहाँ उन्होंने सभी कौरवों को देखा,पर अपने किसी भाई को नहीं पाया। उन्होंने अपने भाइयों और द्रौपदी को घोर नरक में पड़े देखा। युधिष्ठिर ने कहा कि मैं भी इन्हीं के साथ नरक में रहूँगा। उसी समय धर्मराज तथा इंद्र वहाँ आए। उनके आते ही सारा दृश्य बदल गया। धर्मराज ने युधिष्ठिर से कहा कि ऐसा हमने तुम्हारी परीक्षा लेने के लिए किया था। युधिष्ठिर ने अपने सभी भाइयों को प्रसन्न मुद्रा में देखा। उन्होंने मानव शरीर छोड़कर दैवी शरीर प्राप्त किया।

पाठको की पहली पसंद
अखंड रामायणबालकाण्ड(भावार्थ सहित/रहित)
अयोध्याकाण्ड(भावार्थ सहित/रहित)
अरण्यकाण्ड(भावार्थ सहित/रहित)
किष्किन्धाकाण्ड(भावार्थ सहित/रहित)
सुन्दरकाण्ड(भावार्थ सहित/रहित)
लंकाकाण्ड(भावार्थ सहित/रहित)
उत्तरकाण्ड(भावार्थ सहित/रहित)
श्री भगवद् गीता
श्री गरुड़पुराण

संबन्धित लेख:
[महाभारत]-[१. आदिपर्व- महाभारत]-[२. सभापर्व- महाभारत]-[३. वनपर्व- महाभारत]-[४. विराटपर्व- महाभारत]-[५. उद्योगपर्व- महाभारत]-[६. भीष्मपर्व- महाभारत]-[७. द्रोणपर्व- महाभारत]-[८. कर्णपर्व- महाभारत]-[९. शल्यपर्व- महाभारत]-[१०. सौप्तिकपर्व- महाभारत]-[११. स्त्रीपर्व- महाभारत]-[१२. शान्तिपर्व- महाभारत]-[१३. अनुशासनपर्व- महाभारत]-[१४. आश्वमेधिकपर्व- महाभारत]-[१५. आश्रमवासिकपर्व- महाभारत]-[१६. मौसलपर्व- महाभारत]

MNSPandit

चलो चले संस्कृति और संस्कार के साथ

अपना बिचार व्यक्त करें।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.