निलावंती एक श्रापित ग्रंथ
इस ग्रंथ को एक श्रापित यक्षिणी निलावंती के द्वारा लिखा गया है। जो एक श्राप के कारण इस संसार से बाहर नहीं निकल पा रही थी, उसे अपनी दुनिया में जाना था। निलावंती के सपने में शैतान आते थे और शैतान निलावंती को जो भी मंत्र बताते वह उसे पीपल के पत्तों से बनी किताब पर लिख लेती थी। ऐसा माना जाता है कि जिसने भी लालचवश इस किताब को पढ़ने की कोशिश की उसकी मृत्यु हो गई या फिर वह पागल हो गया।
निलावंती ग्रंथ से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी
दोस्तो निलावंती ग्रंथ को भारत की ब्रिटिश सरकार ने बैन कर दिया था क्योंकि इस ग्रंथ को एक श्रापित यक्षिणी के द्वारा लिखा गया है। ऐसा माना जाता है कि जिसने भी लालचवश इस किताब को पढ़ने की कोशिश की उसकी मृत्यु हो गई या फिर वह पागल हो गया। जब बहुत सारे मामले आने लगे तो भारत की ब्रिटिश सरकार ने ग्रंथ की पुरानी और ओरिजिनल निलावंती बुक खोजने और उसे पढ़ने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था।
कहा जाता है निलावंती ग्रंथ की मदद से मनुष्य विश्व के हर जीव की बात समझ सकता है। जिसके आधार पर वह दुनिया के कई रहस्यों को जान पाता है और साथ ही इन रहस्यों की मदद से वह अपने आर्थिक जीवन को भी समृद्ध कर सकता है। और साथ ही काल को भी नियंत्रित कर सकता है। वैसे काल को नियंत्रित करने की इच्छा उतनी ही पुरानी है जितनी कि मनुष्य को काल का ज्ञान है। जब से मनुष्य ने काल के रहस्य को समझा है, तब से वह उसके साथ चलने की इच्छा पाले हुए है। समय या काल वास्तव में बहुत जटिल है, क्यों की इससे इतिहास बदल जाता है।
लेकिन अगर ये सच है तो आप ऐसा नहीं कर पाएंगे क्योंकि जब आप समय में पीछे जाएंगे और कुछ घटनाओं को बदलेंगे तो पूरा इतिहास बदल जाएगा और आप भी बदल जाएंगे, मतलब आप जिस परिस्थिति में इतिहास बदलने गए थे वो स्थिति ही नहीं आएगी। इसका सीधा सा अर्थ है कि अगर आप समय नहीं बदलेंगे तो इतिहास वही रहेगा। इसी स्थान पर उस ग्रंथ का उद्घाटन होता है, लोग समय बदलने के बारे में सोचते हैं, किताब पाठक को समय बदलने का साहस देती है। उसे ये अधिकार मिलता है कि वो दूसरों का इतिहास बदल सकता है।
तांत्रिको में निलावंती ग्रंथ का महत्त्व
तांत्रिकी में हमेशा से माना जाता है कि पशुओं का समय मनुष्यों से अलग है। मानव काल एक दिन का हो सकता है, लेकिन चींटियों का काल कई सालों का हो सकता है। साथ ही, दूसरी मान्यता यह है कि समय उतना ही सुक्ष्म हो सकता है। यह सब सिर्फ तब होता है जब आप इस ग्रंथ को पाते हैं और इसे पढ़ने की कला सीखते हैं। क्योंकि अगर आप इसे पाते हैं तो वह मानव लिपि में नहीं लिखा गया है, पैशाच लिपी में लिखे हुए हैं। पैशाच लिपि को जानने वाला कोई भी जीव नहीं है।
यह भी कहा जाता है कि हिमालय की गुफा-कंधराओं में बैठे कई साधु-मुनियों को एक रहस्यमय लिपी आती है, लेकिन कहाँ है यह भी कोई नहीं जानता। पूरी बात यह है कि ग्रंथ कैसा है, कहाँ है, उसे पढ़ने का तरीका या उससे क्या किया जा सकता है। यह जानने से ही कोई भी उसे खोजने के लिए प्रेरित होता है।
निलावंती ग्रंथ के बारे में और एक प्रसिद्ध बात है कि आज भी एक जीवित व्यक्ति है, जिसे बाजिंद कहते हैं। वह महाबळेश्वर के जंगलों में रहता है। कहते हैं कि उसकी आयु एक हजार वर्ष से अधिक है। अब सबसे आसान तरीका यह है कि पहले बाजिंद को खोजे जाये जो जाननेवाला है। उसके पास से जो जानकारी मिलती है उसके आधार पर, मैं आपको बता दूँ कि जो लोग “निलावन्ती” के पीछे थे, चाहे वे किसी भी समय या किसी भी जगह से थे।
वे सभी महाबळेश्वर के जंगलो में जाते देखा गया था। उनमें से केवल दो लोगों को जाने के बाद फिर से देखा गया था, वे भी मृत अवस्था में थे। जबकि सैकड़ों लोगों का क्या हुआ पता नहीं था क्योंकि उनके शरीर या कोई अवशेष नहीं मिले।
मुझे पता है आप भी निलावंती ग्रन्थ को पढ़ना चाहते है। तो हमारी जानकारी में जो भी कहानी है वह हम आप तक पहुंचा रहे है। कृपया नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें और निस्वार्थभाव से ही पढ़े।
निलावंती एक श्रापित ग्रंथ -FAQ
निलावंती ग्रंथ किसने लिखा था?
इस ग्रंथ को एक श्रापित यक्षिणी निलावंती के द्वारा लिखा गया है। निलावंती के सपने में शैतान आते थे और शैतान निलावंती को जो भी मंत्र बताते वह उसे पीपल के पत्तों से बनी किताब पर लिख लेती थी। ऐसा माना जाता है कि जिसने भी लालचवश इस किताब को पढ़ने की कोशिश की उसकी मृत्यु हो गई या फिर वह पागल हो गया।
निलावंती ग्रन्थ पढ़ने से क्या होता है?
कहा जाता है यह ग्रन्थ पढ़ने पर हम जिव जन्तुओ की भाषा समझ सकते है। दुनिया में छुपी धन दौलत का पता लगाया जा सकता है। साथ ही वह दुनिया के कई रहस्यों को जान पाता है तब इन रहस्यों की मदद से वह अपने आर्थिक जीवन को भी समृद्ध कर सकता है। और साथ ही काल को भी नियंत्रित कर सकता है।
निलावंती ग्रन्थ पढ़ना चाहिए या नहीं?
कुछ लोग का मानना है कि जिसने लालच में आकर इस किताब को पूरा पढ़ लिया उसकी तुरंत मृत्यु हो जायेगी और जिसने इस किताब को आधा पढकर बीच में ही छोड दिया वह पागल हो जायेगा। परन्तु यहॉ॑ आप बिना किसी डर के पढ़ सकते है। अगर खतरा हो सकता है तो वह पुरानी और ओरिजिनल निलावंती बुक से है। जो की फ़िलहाल के समय में किसी भी प्लेटफार्म पर उपलब्ध नहीं है। ज्यादातर स्थानों पर किताब से जुडी कहानियों के बारे में बताई जानकारी ही उपलब्ध है। जिसे पढ़ने में किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है।
मार्किट में निलावंती ग्रन्थ की किताब?
कुछ लोग मार्किट में निलावंती ग्रन्थ की फर्जी किताब बेच रहे है, बस उनसे सावधान होकर रहे। जो भी अभी उपलब्ध है वो आप इस वेबसाइट पर देख सकते है। इसके अलावा फर्जी चीज़ो में अपने पैसे बर्बाद करने की जरुरत नहीं।
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