॥ 卐 ॥ ॥ श्री गणेशाय नमः ॥ ॥ श्री कमलापति नम: ॥ ॥ श्री जानकीवल्लभो विजयते ॥
दान करें | Donate
[कृपया स्वेच्छा पूर्वक ही दान करें!]
आपका यहॉं पर आने का जो भी उद्देश्य है उसे अवश्य ही पूर्ण करें! क्योकि शास्त्रों मे स्पस्ट कहा गया है कि यदि आप दान करने के उद्देश्य से कोई भी कार्य करते है तब उसे अन्तिम चरण तक अवस्य पहुँचाये। यह आवश्यक नही की सर्वस्य दान करें, परन्तु स्वेच्छापूर्वक अवस्य करें। शास्त्रों मे कहा गया है कि:- भवता अर्जितं धनं तदा एव फलप्रदं भवति। यदा भवन्तः तस्य किञ्चित् भागं दानं कुर्वन्ति। अर्थात:- आपके द्वारा कमाया गया धन तभी फलित होता है जब आप उसका कुछ अंश स्वेच्छापूर्वक दान करते है। ₹1 ₹11 ₹21 ₹51 ₹101 आप मेरे लिए एक चाय भी खरीद सकते है।:- ।₹10।
मित्रों मै एक साधारण ब्राम्हण हूँ मेरे जीवन का पुर्ण उद्देश्य हिन्दु धर्म का प्रचार करना और संस्कृति को सदैव जीवित रखना है। आदि कवि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित वाल्मीकि रामायण को अंग्रेज़ी तथा गोस्वामी तुलसीदास द्वारा १६वीं सदी में रचित श्रीरामचरितमानस अवधी भाषा को हमने अखंड रामायण नाम से हिन्दी व अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं तथा रामायण का विडियो भी आप सब के समक्ष प्रस्तुत किया है और श्री भगवद् गीता को भी युवाओं में प्रचारित करने के उद्देश्य से हमने यह वेबसाइट बनाई है हमने इसमें किसी प्रकार का स्वयं कोई भी बदलाव नहीं किया है। आप किसी भी प्रकार कि ग़लती के लिए कृप्या हमें नीचे दिऐ गये ईमेल आईडी व नम्बर पर अवस्य बताये।