सूर्य देव मंत्र | What Is The SuryaDev Mantra?
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सूर्य देव मंत्र
सूर्य मंत्रों से मिलेगा, मनचाहा वरदान!
क्या है सूर्य देव मंत्र और साधना का बहुत महत्व?
धर्म एवं ज्योतिष दोनों ही दृष्टि से सूर्य की साधना का बहुत महत्व है। सूर्यदेव ऐसे देवता हैं, जिनके हमें प्रतिदिन प्रत्यक्ष रूप से दर्शन होते हैं। जिन्हें प्रसन्न करने के लिए किसी बड़े अनुष्ठान की जरूरत नहीं पड़ती।
सूर्यदेव को आप मात्र एक लोटा जल एवं उनके मंत्रों से मना सकते हैं। उनका आशीर्वाद पा सकते हैं। पूरे विश्व को ऊर्जा प्रदान करने सूर्य देव का ज्योतिष में भी बहुत महत्व है।
ज्योतिष शास्त्र में सूर्यदेव को सभी ग्रहों का राजा माना गया है. मान्यता है कि, यदि किसी जातक की कुंडली में सूर्यदेव शुभ फल प्रदान करें तो, उसका समाज में खूब यश, सम्मान बढ़ता है. उसे पिता का हमेशा आशीर्वाद प्राप्त रहता है. जीवन में खूब तरक्की उन्नति होती है, सरकार की ओर से लाभ होता है !
- ॐ हृां मित्राय नम:
सूर्य के इस पहले मंत्र के उच्चारण से अच्छी सेहत और कार्य करने की क्षमता का वरदान मिलता है। सूर्य देवता की कृपा से हृदय की शक्ति बढ़ती है। - ॐ हृीं रवये नम:
सूर्य देव के सामने खड़े होकर इस मंत्र को जपने से क्षय व्याधि दूर होती हैं। शरीर में रक्त संचार ठीक होता हैं और कफ आदि से जुड़े रोग दूर होते हैं। - ॐ हृूं सूर्याय नम:
सूर्य देव के इस मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है। साथ ही साथ ज्ञान में वृद्धि होती है। - ॐ ह्रां भानवे नम:
सूर्य देव के इस मंत्र का जाप करने से धातु पुष्टि उत्पन्न होती है। मूत्राशय से जुड़ी बीमारियों का शमन होता है और शरीर में ओजस नामक तत्व बढता है। - ॐ हृों खगाय नम:
सूर्य देव के इस नाम का मंत्र जपने से बुद्धि का विकास होता हैं और शरीर का बल बढ़ता है। साथ ही साथ मलाशय से संबंधित बीमारियां दूर होती हैं। - ॐ हृ: पूषणे नमः
सूर्य देव के इस मंत्र का जाप करने से मनुष्य में बल और धैर्य दोनों बढ़ता है। भगवान सूर्यदेव की कृपा से मनुष्य का मन धार्मिक विषयों में लगता है। - ॐ ह्रां हिरण्यगर्भाय नमः
सूर्यदेव के इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को अनेक विषयों का ज्ञान प्राप्त होता है। यह मंत्र छात्रों के लिए विशेष लाभदायक है। इस मंत्र का जाप करने से शारीरिक, बौद्धिक एवं मानसिक शक्तियां विकसित होती हैं। - ॐ मरीचये नमः
सूर्य के इस मंत्र का जाप करने से मनुष्य को रोग आदि बाधा नहीं सताती है। स्वास्थ्य उत्तम और शरीर की कान्ति बनी रहती है। - ॐ आदित्याय नमः
सूर्य के इस मंत्र का जाप करने से दूसरे व्यक्तियों पर मनुष्य का प्रभाव बढ़ता है। बुद्धि प्रखर होती है और आर्थिक उन्नति होती है। - ॐ सवित्रे नमः
इस मंत्र का जाप करने से मनुष्य का यश बढ़ता है। सूर्य देव की कृपा से उसका बौद्धिक विकास होता है और उसकी कल्पनाशक्ति बढ़ती है। - ॐ अर्काय नमः
सूर्य के इस मंत्र जाप करने से मन की दृढ़ता बढ़ती है। जीवन से जुड़ी तमाम चिंताएं दूर होती हैं। जो लोग वेदों के रहस्यों को अथवा विभिन्न शास्त्रों के रहस्यों को जानना चाहते हैं, उनके लिए यह मंत्र बड़ा लाभदायक है। - ॐ भास्कराय नमः
सूर्यदेव के इस मंत्र जाप करने से शरीर में वाह्य और आन्तरिक स्वच्छता उत्पन्न होती है। सूर्य की कृपा से साधक का शरीर कांतिमय होता है और उसका मन प्रसन्न रहता है।
सुख, समृद्धि और अच्छी सेहत का वरदान देने वाले भगवान सूर्यदेव की कृपा पाने के लिए रविवार के दिन उन्हें अर्घ्य देते समय उनके इन 12 नामों का जाप पूरी श्रद्धा एवं विश्वास के साथ करना चाहिए।
यह सूर्य मंत्र आपकी सभी मनोकामनाएं करेगा पूर्ण, जाप करने वाले लोगों की खुल जाएगी किस्मत
मनुष्य के जीवन में बहुत सी तकलीफ उत्पन्न होती है, जिनको लेकर अक्सर व्यक्ति काफी चिंतित रहता है, हर कोई व्यक्ति चाहता है कि वह अपने जीवन की परेशानियों से जल्द छुटकारा प्राप्त करें और वह अपनी मनोकामनाओं को पूरा कर सके, जिसके लिए वह देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करता है, जैसा कि आप लोग जानते हैं सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी देवता को समर्पित है, उसी प्रकार रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है, रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा अर्चना और साधना की जाती है, ऐसा बताया जाता है कि इस दिन सूर्य देवता की अगर पूजा अर्चना की जाए और सूर्य मंत्र का जाप किया जाए तो व्यक्ति की सभी समस्याओं का समाधान होगा, और व्यक्ति की इच्छा जल्द पूरी हो सकती है, अगर आप रविवार के दिन सूर्य उदय के समय भगवान सूर्य की पूजा अर्चना करने के पश्चात इन मंत्रों का जाप करते हैं तो जाप करने वाले लोगों की मुरादे पूरी होती है।
आइए जानते हैं रविवार को कौन से सूर्य मंत्र का करे जाप
किसी भी मंत्र के जाप से पहले उसके बारे में सही विधि जानना बहुत ही जरूरी है, अगर आप विधि विधान पूर्वक मंत्रों का जाप नहीं करते हैं तो इससे आपको उसका लाभ नहीं मिलता है, अगर आपके जीवन में बार बार समस्याएं उत्पन्न हो रही है तो आप रविवार के दिन सूर्य उदय से 1 घंटे पहले नहा धोकर पीले वस्त्रों का धारण कर लीजिए, इसके पश्चात आप पीले आसन पर पूर्व दिशा की तरफ अपना मुंह करके दोनों हाथों को अपनी गोद में रखकर बैठ जाइए, इसके बाद आपको उगते हुए सूर्य के प्रकाश की तरफ ध्यान करना होगा, आप इसी प्रकार 10 मिनट तक ध्यान में लगे रहे, इसके बाद आप ‘ॐ हृां हृौं सः सूर्याय नमः’ मंत्र का तुलसी माला से 251 बार मन ही मन जाप करें, जब आपके मंत्रों का जाप पूरा हो जाए, तब आप उगते हुए सूर्य को ‘ॐ सूर्याय नमः’ बोलते हुए अर्घ्य दीजिए।
सूर्य मंत्र जाप से मिलने वाले फायदे
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अगर आप सूर्य मंत्र का जाप करते हैं तो इससे किसी भी प्रकार का रोग कुछ ही दिनों में दूर हो जाता है।
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अगर आप इस मंत्र का जाप करते हैं तो नकारात्मक सोच, चिंता और तनाव से छुटकारा मिलता है।
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अगर आप इस सूर्य मंत्र का जाप करेंगे तो इससे क्रोध, हीन भावना, अहंकार आदि दूर होता है।
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इस सूर्य मंत्र का जाप करने से सूर्य दोष से छुटकारा मिलता है।
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अगर नौकरी या व्यापार में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न हो रही है तो रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा करना और इस मंत्र का जाप करना लाभदायक माना गया है।
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अगर आप रविवार के दिन इस सूर्य मंत्र का जाप करेंगे तो बहुत ही शीघ्र आपकी अधूरी इच्छाएं पूरी होंगी और सूर्य देवता की कृपा दृष्टि आप के ऊपर हमेशा बनी रहेगी, आप सूर्य देवता से प्रार्थना करें कि वह आपकी सभी मनोकामनाएं जल्दी पूरी करें।
उपरोक्त बताए गए तरीके से अगर आप इस सूर्य मंत्र का जाप करते हैं तो आप अपने जीवन की बहुत सी परेशानियों से शीघ्र ही छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं और आपकी अधूरी इच्छाएं बहुत ही जल्दी पूरी होंगी, यह उपाय ज्योतिष शास्त्र में काफी प्रभावी माने गए हैं, अगर उचित ढंग से इस मंत्र का जाप किया जाए तो इसका प्रभाव जल्द देखने को मिलेगा।
मकर संक्रांति पर जरूर पढ़ें सूर्य कवच पाठ, होगी 7 पीढ़ियों की रक्षा और निरोगी बना रहेगा शरीर।
सूर्य देव की पूजा करने से व्यक्ति आरोग्य रहता है और उसको किसी भी प्रकार का रोग नहीं लग पाता है। ऐसी मान्यता है कि जो लोग रोज सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं वो सदा स्वस्थ रहते हैं। सूर्य देव की पूजा करने से शरीर को ऊर्जा प्राप्त होती है और व्यक्ति तनाव मुक्त रहता है। मंकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। इस दिन आप सूर्य देव को अर्घ्य देते समय सूर्य कवच का जाप जरूर करें। पुराणों के अनुसार सूर्य कवच मंत्र को बोलने से व्यक्ति की सेहत सही बनीं रहती है और उसकी 7 पीढ़ियों की रक्षा होती है।
सूर्य कवच…
‘सूर्यकवचम’ याज्ञवल्क्य उवाच-
श्रणुष्व मुनिशार्दूल सूर्यस्य कवचं शुभम्।
शरीरारोग्दं दिव्यं सव सौभाग्य दायकम्।1।
अर्थ- हे मुनि श्रेष्ठ! सूर्य के शुभ कवच को सुनो, जो शरीर को आरोग्य देने वाला है तथा संपूर्ण दिव्य सौभाग्य को देने वाला है।
देदीप्यमान मुकुटं स्फुरन्मकर कुण्डलम।
ध्यात्वा सहस्त्रं किरणं स्तोत्र मेततु दीरयेत् ।2।
अर्थ- चमकते हुए मुकुट वाले डोलते हुए मकराकृत कुंडल वाले हजार किरण को ध्यान करके यह स्तोत्र प्रारंभ करें।
शिरों में भास्कर: पातु ललाट मेडमित दुति:।
नेत्रे दिनमणि: पातु श्रवणे वासरेश्वर: ।3।
अर्थ- मेरे सिर की रक्षा भास्कर करें, अपरिमित कांति वाले ललाट की रक्षा करें। आंखों की रक्षा दिनमणि करें तथा कान की रक्षा दिन के ईश्वर करें।
ध्राणं धर्मं धृणि: पातु वदनं वेद वाहन:।
जिव्हां में मानद: पातु कण्ठं में सुर वन्दित: ।4।
अर्थ- मेरी नाक की रक्षा धर्मघृणि, मुख की रक्षा देववंदित, जिव्हा की रक्षा मानद् तथा कंठ की रक्षा देव वंदित करें।
सूर्य रक्षात्मकं स्तोत्रं लिखित्वा भूर्ज पत्रके।
दधाति य: करे तस्य वशगा: सर्व सिद्धय: ।5।
अर्थ- रक्षात्मक इस स्तोत्र को भोजपत्र में लिखकर जो हाथ में धारण करता है तो संपूर्ण सिद्धियां उसके वश में होती हैं।
सुस्नातो यो जपेत् सम्यग्योधिते स्वस्थ: मानस:।
सरोग मुक्तो दीर्घायु सुखं पुष्टिं च विदंति ।6।
अर्थ- स्नान करके जो कोई स्वच्छ चित्त से कवच पाठ करता है वह रोग से मुक्त हो जाता है, दीर्घायु होता है, सुख तथा यश प्राप्त होता है।
सूर्य कवच पाठ करने का लाभ…
- सूर्य कवच का पाठ करने से शरीर को लाभ पहुंचता है और शरीर निरोगी बना रहता है। जिन लोगों को अगर कोई गंभीर रोग है अगर वो इस कवच का पाठ करते हैं तो उनका रोग दूर हो जाता है।
- सूर्य कवच का पाठ करने से सौभाग्य प्राप्त होता है और बंद किस्मत खुल जाती है।
- जो लोग तनाव में रहते हैं अगर वो इस कवच का पाठ करते हैं तो उन्हें तनाव से मुक्ति मिल जाती है।
- अगर आपके शरीर में ऊर्जा की कमी है तो आप ये पाठ जरूर पढ़ें। इस पाठ को पढ़ने से शरीर को ऊर्जा मिलती है।
- जिन लोगों के घरों में कलह रहती है उनके लिए भी ये पाठ पढ़ना लाभदायक माना जाता है।
कब पढ़े सूर्य कवच…
सूर्य कवच को आप रविवार के दिन पढ़ें। क्योंकि ये दिन सूर्य भगवान से जुड़ा हुआ होता है। इस पाठ को मंकर संक्रांति के दिन पढ़ने से दोगुना लाभ मिलता है और हर कामान भी पूरी हो जाती है।
॥ॐ सूर्य देवाय नमः॥
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