जीवात्मा का कर्म लोक की यात्रा, शिव का उपदेश और श्राप

इस त्रिलोक में समस्त जीवात्मा शिव का ही अंश हैं। क्योंकि देव या मनुष्य अपने प्रयासों से जो नहीं कर सकते, वह भगवान शिव अपनी कृपा से कर सकते हैं।
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