श्री शालिग्राम पूजन विधि और मंत्र संस्कृत में भावार्थ सहित

श्री शालिग्राम साक्षात सत्यनारायण भगवान हैं, नारायण स्वरूप हैं। इसलिये इसमें प्राण-प्रतिष्ठा आदि संस्कारों की आवश्यकता नहीं होती। जहाँ शालिग्राम-शिला होती है, वहाँ सभी तीर्थ और भुक्ति-मुक्ति का वास होता है। शालिग्राम का चरणोदक सभी तीर्थों से अधिक पवित्र माना गया है।

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