शान्तिपर्व- महाभारत (बारहवाँ अध्याय)

 मुख पृष्ठ  महाभारत  शान्तिपर्व (बारहवाँ अध्याय) 


॥ श्री गणेशाय नमः ॥
॥ श्री कमलापति नम: ॥
॥ श्री जानकीवल्लभो विजयते ॥
॥ श्री गुरूदेवाय नमः ॥
दान करें

Paytm-1

Paytm-2

PayPal





१२. शान्तिपर्व- महाभारत

महाभारत
(हिन्दी में)
सब एक ही स्थान पर

शान्तिपर्व का वर्णन

शान्ति पर्व में 365 अध्याय हैं। शान्ति पर्व में युद्ध की समाप्ति पर युधिष्ठिर का शोकाकुल होकर पश्चाताप करना, श्री कृष्ण सहित सभी लोगों द्वारा उन्हें समझाना, युधिष्ठिर का नगर प्रवेश और राज्याभिषेक, सबके साथ पितामह भीष्म के पास जाना, भीष्म के द्वारा श्रीकृष्ण की स्तुति, भीष्म द्वारा युधिष्ठिर के प्रश्नों का उत्तर तथा उन्हें राजधर्म, आपद्धर्म और मोक्षधर्म का उपदेश करना आदि वर्णित है। मोक्षपर्व में सृष्टि का रहस्य तथा अध्यात्म ज्ञान का विशेष निरूपण है। शान्ति पर्व में “मङ्कगीता’’ (अध्याय 177), “पराशरगीता” (अध्याय 290-98) तथा “हंसगीता” (अध्याय 299) भी है। शान्तिपर्व में धर्म, दर्शन, राजानीति और अध्यात्म ज्ञान का विशद निरूपण किया गया है।

पाठको की पहली पसंद
अखंड रामायणबालकाण्ड(भावार्थ सहित/रहित)
अयोध्याकाण्ड(भावार्थ सहित/रहित)
अरण्यकाण्ड(भावार्थ सहित/रहित)
किष्किन्धाकाण्ड(भावार्थ सहित/रहित)
सुन्दरकाण्ड(भावार्थ सहित/रहित)
लंकाकाण्ड(भावार्थ सहित/रहित)
उत्तरकाण्ड(भावार्थ सहित/रहित)
श्री भगवद् गीता
श्री गरुड़पुराण

युधिष्ठिर का सिंहासन पर बैठना 

यद्यपि युद्ध के बाद युधिष्ठिर अत्यन्त दुखी रहने लगे थे, उनका मन राज-पाट से हट गया था, यह सब देख कर सभी मंत्रिमंडल गड़बड़ने लगा। तब महर्षि व्यास युधिष्ठिर के पास गये और समझाया फिर महर्षि व्यास के कहने पर युधिष्ठिर राजसिंहासन पर बैठे। मंत्रिमंडल का विस्तार किया। इसके बाद युधिष्ठिर राजभवन गए तथा गांधारी और धृतराष्ट्र के चरणस्पर्श किए। दोनों का आशिर्वाद लेने के बाद में वे भीष्म पितामह के दर्शन करने चल दिए। उनके साथ श्रीकृष्ण भी थे।

शान्ति पर्व के अन्तर्गत 3 (उप) पर्व हैं- राजधर्मानुशासन पर्व, आपद्धर्म पर्व, मोक्षधर्म पर्व।

इन्हे भी देखें:
१. आदिपर्व- महाभारत
२. सभापर्व- महाभारत
३. वनपर्व- महाभारत
४. विराटपर्व- महाभारत
५. उद्योगपर्व- महाभारत
६. भीष्मपर्व- महाभारत
७. द्रोणपर्व- महाभारत
८. कर्णपर्व- महाभारत
९. शल्यपर्व- महाभारत
१०. सौप्तिकपर्व- महाभारत

 स्त्रीपर्व (ग्यारहवाँ अध्याय) ║ अनुशासनपर्व (तेरहवाँ अध्याय) 

MNSGranth

We Are Prepare You For The Future.

4 thoughts on “शान्तिपर्व- महाभारत (बारहवाँ अध्याय)

अपना बिचार व्यक्त करें।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

0%
 📖 आगे पढ़ें 
 SHORTS

Discover more from 𝕄ℕ𝕊𝔾𝕣𝕒𝕟𝕥𝕙

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Trishul