कभी गोपाला तो कभी नंदलाला पढ़ना न भूले श्री कृष्णा के 108 नाम
॥ श्री गणेशाय नमः ॥
॥ श्री कमलापति नम: ॥
॥ श्री राधेकृष्णा ॥
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जय श्री कृष्णा, राधे-राधे
भगवान श्री कृष्ण न्याय के देवता, शनिदेव के आराध्य हैं। श्री कृष्ण की पूजा करने से न्याय के देवता शनिदेव प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा से व्यक्ति के जीवन में व्याप्त आर्थिक विषमता दूर होती है। शनिदेव की कृपा पाने के लिए करें दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ
धार्मिक मान्यता है कि जो भक्त भगवान कृष्ण की शरण और चरणों में रहता है, उसे अंत में भवसागर से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही प्रभु की इच्छा से भक्त की सभी मनोकामनाएं निश्चित समय में पूरी हो जाती हैं। इसलिए भक्त श्रद्धापूर्वक बाल गोपाल की पूजा करते हैं। उनकी कृपा से भक्त के जीवन में व्याप्त सभी दुख और परेशानियां दूर हो जाती हैं। अगर आप भी भगवान कृष्ण की कृपा पाना चाहते हैं तो बाल गोपाल के 108 नामों के मंत्र का जाप जरूर करें। आइए, भगवान कृष्ण के 108 नामों के मंत्र का जाप करें-
श्रीकृष्णा के 108 नाम भावार्थ सहित
- अचला: भगवान।
- अच्युत: अचूक प्रभु या जिसने कभी भूल न की हो।
- अद्भुतह: अद्भुत प्रभु।
- आदिदेव: देवताओं के स्वामी।
- अदित्या: देवी अदिति के पुत्र।
- अजन्मा: जिनकी शक्ति असीम और अनंत हो।
- अजया: जीवन और मृत्यु के विजेता।
- अक्षरा: अविनाशी प्रभु।
- अमृत: अमृत जैसा स्वरूप वाले।
- अनादिह: सर्वप्रथम हैं जो।
- आनंद सागर: कृपा करने वाले।
- अनंता: अंतहीन देव।
- अनंतजीत: हमेशा विजयी होने वाले।
- अनया: जिनका कोई स्वामी न हो।
- अनिरुद्धा: जिनका अवरोध न किया जा सके।
- अपराजित: जिन्हें हराया न जा सके।
- अव्युक्ता: माणभ की तरह स्पष्ट।
- बाल गोपाल: भगवान कृष्ण का बाल रूप।
- बलि: सर्वशक्तिमान।
- चतुर्भुज: चार भुजाओं वाले प्रभु।
- दानवेंद्रो: वरदान देने वाले।
- दयालु: करुणा के भंडार।
- दयानिधि: सब पर दया करने वाले।
- देवाधिदेव: देवों के देव।
- देवकीनंदन: देवकी के लाल (पुत्र)।
- देवेश: ईश्वरों के भी ईश्वर।
- धर्माध्यक्ष: धर्म के स्वामी।
- द्वारकाधीश: द्वारका के अधिपति।
- गोपाल: ग्वालों के साथ खेलने वाले।
- गोपालप्रिया: ग्वालों के प्रिय।
- गोविंदा: गाय, प्रकृति, भूमि को चाहने वाले।
- ज्ञानेश्वर: ज्ञान के भगवान।
- हरि: प्रकृति के देवता।
- हिरण्यगर्भा: सबसे शक्तिशाली प्रजापति।
- ऋषिकेश: सभी इन्द्रियों के दाता।
- जगद्गुरु: ब्रह्मांड के गुरु।
- जगदीशा: सभी के रक्षक।
- जगन्नाथ: ब्रह्मांड के ईश्वर।
- जनार्धना: सभी को वरदान देने वाले।
- जयंतह: सभी दुश्मनों को पराजित करने वाले।
- ज्योतिरादित्या: जिनमें सूर्य की चमक है।
- कमलनाथ: देवी लक्ष्मी के प्रभु।
- कमलनयन: जिनके कमल के समान नेत्र हैं।
- कामसांतक: कंस का वध करने वाले।
- कंजलोचन: जिनके कमल के समान नेत्र हैं।
- केशव: लंबे, काले उलझे घुंघराले बाल जिसने।
- कृष्ण: सांवले रंग वाले।
- लक्ष्मीकांत: देवी लक्ष्मी के देवता।
- लोकाध्यक्ष: तीनों लोक के स्वामी।
- मदन: प्रेम के प्रतीक।
- माधव: ज्ञान के भंडार।
- मधुसूदन: मधु-दानवों का वध करने वाले।
- महेन्द्र: इन्द्र के स्वामी।
- मनमोहन: सबका मन मोह लेने वाले।
- मनोहर: बहुत ही सुंदर रूप-रंग वाले प्रभु।
- मयूर: मुकुट पर मोरपंख धारण करने वाले भगवान।
- मोहन: सभी को आकर्षित करने वाले।
- मुरली: बांसुरी बजाने वाले प्रभु।
- मुरलीधर: मुरली धारण करने वाले।
- मुरली मनोहर: मुरली बजाकर मोहने वाले।
- नंदगोपाल: नंद बाबा के पुत्र।
- नारायन: सबको शरण में लेने वाले।
- निरंजन: सर्वोत्तम।
- निर्गुण: जिनमें कोई अवगुण नहीं।
- पद्महस्ता: जिनके कमल की तरह हाथ हैं।
- पद्मनाभ: जिनकी कमल के आकार की नाभि हो।
- परब्रह्मन: परम सत्य।
- परमात्मा: सभी प्राणियों के प्रभु।
- परम पुरुष: श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाले।
- पार्थसारथी: अर्जुन के सारथी।
- प्रजापति: सभी प्राणियों के नाथ।
- पुण्य: निर्मल व्यक्तित्व।
- पुरुषोत्तम: उत्तम पुरुष।
- रविलोचन: सूर्य जिनका नेत्र है।
- सहस्राकाश: हजार आंख वाले प्रभु।
- सहस्रजीत: हजारों को जीतने वाले।
- सहस्रपात: जिनके हजारों पैर हों।
- साक्षी: समस्त देवों के गवाह।
- सनातन: जिनका कभी अंत न हो।
- सर्वजन: सब कुछ जानने वाले।
- सर्वपालक: सभी का पालन करने वाले।
- सर्वेश्वर: समस्त देवों से ऊंचे।
- सत्य वचन: सत्य कहने वाले।
- सत्यव्त: श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाले देव।
- शंतह: शांत भाव वाले।
- श्रेष्ठ: महान।
- श्रीकांत: अद्भुत सौंदर्य के स्वामी।
- श्याम: जिनका रंग सांवला हो।
- श्यामसुंदर: सांवले रंग में भी सुंदर दिखने वाले।
- सुदर्शन: रूपवान।
- सुमेध: सर्वज्ञानी।
- सुरेशम: सभी जीव-जंतुओं के देव।
- स्वर्गपति: स्वर्ग के राजा।
- त्रिविक्रमा: तीनों लोकों के विजेता।
- उपेन्द्र: इन्द्र के भाई।
- वैकुंठनाथ: स्वर्ग के रहने वाले।
- वर्धमानह: जिनका कोई आकार न हो।
- वासुदेव: सभी जगह विद्यमान रहने वाले।
- विष्णु: भगवान विष्णु के स्वरूप।
- विश्वदक्शिनह: निपुण और कुशल।
- विश्वकर्मा: ब्रह्मांड के निर्माता।
- विश्वमूर्ति: पूरे ब्रह्मांड का रूप।
- विश्वरूपा: ब्रह्मांड हित के लिए रूप धारण करने वाले।
- विश्वात्मा: ब्रह्मांड की आत्मा।
- वृषपर्व: धर्म के भगवान।
- यदवेंद्रा: यादव वंश के मुखिया।
- योगि: प्रमुख गुरु।
- योगिनाम्पति: योगियों के स्वामी।
- ॐ परात्पराय नमः।
- ॐ सर्वग्रह रुपिणे नमः।
- ॐ सर्वभूतात्मकाय नमः।
- ॐ दयानिधये नमः।
- ॐ वेदवेद्याय नमः।
- ॐ तीर्थकृते नमः।
- ॐ पुण्य श्लोकाय नमः।
- ॐ पन्नगाशन वाहनाय नमः।
- ॐ परब्रह्मणे नमः।
- ॐ नारायणाय नमः।
- ॐ दानवेन्द्र विनाशकाय नमः।
- ॐ यज्ञभोक्त्रे नमः।
- ॐ दामोदराय नमः।
- ॐ गीतामृत महोदधये नमः।
- ॐ अव्यक्ताय नमः।
- ॐ पार्थसारथये नमः।
- ॐ बर्हिबर्हावतंसकाय नमः।
- ॐ युधिष्ठिर प्रतिष्ठात्रे नमः।
- ॐ बाणासुर करान्तकाय नमः।
- ॐ वृषभासुर विध्वंसिने नमः।
- ॐ वेणुनाद विशारदाय नमः।
- ॐ जगन्नाथाय नमः।
- ॐ जगद्गुरवे नमः।
- ॐ भीष्ममुक्ति प्रदायकाय नमः।
- ॐ विष्णवे नमः।
- ॐ सुभद्रा पूर्वजाय नमः।
- ॐ जयिने नमः।
- ॐ सत्यभामारताय नमः।
- ॐ सत्य सङ्कल्पाय नमः।
- ॐ सत्यवाचे नमः।
- ॐ विश्वरूपप्रदर्शकाय नमः।
- ॐ विदुराक्रूर वरदाय नमः।
- ॐ दुर्येधनकुलान्तकाय नमः।
- ॐ शिशुपालशिरश्छेत्रे नमः।
- ॐ कृष्णाव्यसन कर्शकाय नमः।
- ॐ अनादि ब्रह्मचारिणे नमः।
- ॐ नाराकान्तकाय नमः।
- ॐ मुरारये नमः।
- ॐ कंसारये नमः।
- ॐ संसारवैरिणे नमः।
- ॐ परमपुरुषाय नमः।
- ॐ मायिने नमः।
- ॐ कुब्जा कृष्णाम्बरधराय नमः।
- ॐ नरनारयणात्मकाय नमः।
- ॐ स्यमन्तकमणेर्हर्त्रे नमः।
- ॐ तुलसीदाम भूषनाय नमः।
- ॐ बृन्दावनान्त सञ्चारिणे नमः।
- ॐ बलिने नमः।
- ॐ द्वारकानायकाय नमः।
- ॐ मथुरानाथाय नमः।
- ॐ मधुघ्ने नमः।
- ॐ कञ्जलोचनाय नमः।
- ॐ कामजनकाय नमः।
- ॐ निरञ्जनाय नमः।
- ॐ अजाय नमः।
- ॐ सर्वपालकाय नमः।
- ॐ गोपालाय नमः।
- ॐ गोवर्थनाचलोद्धर्त्रे नमः।
- ॐ पारिजातापहारकाय नमः।
- ॐ पीतवसने नमः।
- ॐ वनमालिने नमः।
- ॐ वनमालिने नमः।
- ॐ यादवेंद्राय नमः।
- ॐ यदूद्वहाय नमः।
- ॐ परंज्योतिषे नमः।
- ॐ इलापतये नमः।
- ॐ कोटिसूर्यसमप्रभाय नमः।
- ॐ योगिने नमः।
- ॐ गोपगोपीश्वराय नमः।
- ॐ तमालश्यामलाकृतिये नमः।
- ॐ उत्तलोत्तालभेत्रे नमः।
- ॐ उत्तलोत्तालभेत्रे नमः।
- ॐ यमलार्जुनभञ्जनाय नमः।
- ॐ तृणीकृत तृणावर्ताय नमः।
- ॐ धेनुकासुरभञ्जनाय नमः।
- ॐ अनन्ताय नमः।
- ॐ वत्सवाटिचराय नमः।
- ॐ योगिनांपतये नमः।
- ॐ गोविन्दाय नमः।
- ॐ शुकवागमृताब्दीन्दवे नमः।
- ॐ मधुराकृतये नमः।
- ॐ त्रिभङ्गिने नमः।
- ॐ षोडशस्त्रीसहस्रेशाय नमः।
- ॐ मुचुकुन्दप्रसादकाय नमः।
- ॐ नवनीतनटनाय नमः।
- ॐ नवनीतविलिप्ताङ्गाय नमः।
- ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः।
- ॐ नन्दव्रजजनानन्दिने नमः।
- ॐ शकटासुरभञ्जनाय नमः।
- ॐ पूतनाजीवितहराय नमः।
- ॐ बलभद्रप्रियनुजाय नमः।
- ॐ यमुनावेगासंहारिणे नमः।
- ॐ नन्दगोपप्रियात्मजाय नमः।
- ॐ श्रीशाय नमः।
- ॐ देवकीनन्दनाय नमः।
- ॐ सङ्खाम्बुजायुदायुजाय नमः।
- ॐ चतुर्भुजात्तचक्रासिगदा नमः।
- ॐ हरिये नमः।
- ॐ यशोदावत्सलाय नमः।
- ॐ श्रीवत्सकौस्तुभधराय नमः।
- ॐ लीलामानुष विग्रहाय नमः।
- ॐ पुण्याय नमः।
- ॐ वसुदेवात्मजाय नमः।
- ॐ सनातनाय नमः।
- ॐ वासुदेवाय नमः।
- ॐ कमलनाथाय नमः।
- ॐ कृष्णाय नमः।
- ॐ अनंताय नमः।
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