भगवान विष्णु का जन्म कथा एवं सृष्टि की रचना
विष्णु का जन्म जब संपूर्ण ब्रह्मांड मे केवल रात्रि का ही साम्राज्य था। उस समय केवल एकमात्र ‘सत ब्रह्म’ अर्थात सदाशिव की ही सत्ता विद्ध्मान थी।
और अधिक पढ़ेंविष्णु का जन्म जब संपूर्ण ब्रह्मांड मे केवल रात्रि का ही साम्राज्य था। उस समय केवल एकमात्र ‘सत ब्रह्म’ अर्थात सदाशिव की ही सत्ता विद्ध्मान थी।
और अधिक पढ़ेंसृष्टि के प्रारम्भ में भगवान नारायण के नाभिकमल से सर्व प्रथम ब्रह्मा जी का प्राकट्य हुआ। इसी से वे पद्मयोनि भी कहलाते हैं। नारायण की इच्छाशक्ति की प्रेरणा से स्वयं उत्पन्न होने के कारण ये स्वयम्भू भी कहलाते है।
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