शिव-शक्ति श्रीराम मिलन भाग- 12 (नामकरण सस्कार और बाललीला)

शिव-शक्ति श्रीराम मिलन गुरु वशिष्‍ठजी ने हृदय में विचार कर कहा- हे राजन्‌! तुम्हारे चारों पुत्र वेद के तत्त्व (साक्षात्‌ परात्पर भगवान) हैं। जो ब्राह्मणों के ऋणी, मुनियों के धन, भक्तों के सर्वस्व और शिवजी के प्राण हैं, उन्होंने (इस समय तुम लोगों के प्रेमवश) बाल लीला के रस में सुख माना है।

Read more

शिव-शक्ति श्रीराम मिलन भाग- 11 (श्रीराम का अवतार)

श्रीराम ने कहा- दशरथ और कौसल्या के रूप में मनुष्यों के राजा होकर श्री अयोध्यापुरी में प्रकट हुए हैं। उन्हीं के घर जाकर मैं रघुकुल में श्रेष्ठ चार भाइयों के रूप में अवतार लूँगा। नारद के सब वचन मैं सत्य करूँगा और अपनी पराशक्ति के सहित अवतार लूँगा।

Read more

शिव-शक्ति श्रीराम मिलन भाग- 3 (पार्वती का जन्म)

सतीजी ने भरी सभा मे क्रोधित होकर कहाँ कि, चन्द्रमा को ललाट पर धारण करने वाले वृषकेतु शिवजी को हृदय में धारण करके मैं इस शरीर को तुरंत ही त्याग दूँगी। ऐसा कहकर सतीजी ने योगाग्नि में अपना शरीर भस्म कर डाला। सारी यज्ञशाला में हाहाकार मच गया। तब सती का मरण सुनकर शिवजी के गण यज्ञ विध्वंस करने लगे।

Read more

शिव-शक्ति श्रीराम मिलन भाग- 2 (सती का आत्मदाह)

सतीजी ने सीताजी का वेष धारण किया, यह जानकर शिवजी के हृदय में बड़ा विषाद हुआ। उन्होंने सोचा कि यदि मैं अब सती से प्रीति करता हूँ तो भक्तिमार्ग लुप्त हो जाता है और बड़ा अन्याय होता है। सती परम पवित्र हैं, इसलिए इन्हें छोड़ते भी नहीं बनता और प्रेम करने में बड़ा पाप है।

Read more

रामायण के प्रमुख पात्र और उनका परिचय

 मुख पृष्ठ  पोस्ट  रामायण के प्रमुख पात्र  [ रामायण के प्रमुख पात्र और उनका परिचय ] रामायण और श्रीरामचरितमानस से हम सब

Read more

काकभुशुण्डि का 1000 बार जन्म लेने की कथा

 मुख पृष्ठ  पोस्ट  काकभुशुण्डि कथा  काकभुशुण्डि कथा गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस के उत्तरकाण्ड में लिखा है कि काकभुशुण्डि (काकभुशंडी) परमज्ञानी रामभक्त हैं। रावण के पुत्र मेघनाथ ने राम

Read more