वाल्मीकि रामायण- अयोध्याकाण्ड सर्ग- ६१
अयोध्याकाण्ड सर्ग- ६१ महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित संस्कृत का महाकाव्य और स्मृति का एक अंग है। और पापो का नाश कराने वाले श्रीरामचन्द्र जी के जीवन की गाथा है।
और अधिक पढ़ेंआप यहॉं केवल भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग की कथा के विषय मे विस्तार पूर्वक पढ़ सकते है।
अयोध्याकाण्ड सर्ग- ६१ महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित संस्कृत का महाकाव्य और स्मृति का एक अंग है। और पापो का नाश कराने वाले श्रीरामचन्द्र जी के जीवन की गाथा है।
और अधिक पढ़ें12 ज्योतिर्लिंग स्तोत्र में कुल 13 श्लोक है और इन स्तोत्र में भारत में स्थित भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों का विस्तार पूर्वक वर्णन किया गया है। हर एक श्लोक में एक ज्योतिर्लिंग का वर्णन है और अंतिम श्लोक में इस स्तोत्र के पाठ का लाभ बताया गया है।
और अधिक पढ़ेंश्री घुश्मेश्वर ज्योर्तिलिंग एक प्रमुख ज्योर्तिलिंग माना जाता है। 12 ज्योर्तिलिंगों में यह अंतिम ज्योर्तिलिंग है। इसे घुसृणेश्वर या घृष्णेश्वर भी कहा जाता है। इस ज्योतिर्लिंग के विषय मे..
और अधिक पढ़ेंश्री वैद्यनाथ कथा इस ज्योतिर्लिंग का संबंध रावण से है। रावण भगवान शिव का परम भक्त था। एक बार वह भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हिमालय पर कठोर तपस्या कर रहा था। विस्तार पूर्वक..
और अधिक पढ़ेंश्री नागेश्वर अर्थात की नागों के ईश्वर, नागों का देवता वासुकी जो भगवान शिव जी के गले में कुंडली मार कर बैठे रहते है। जो विष से संबंधित रोग से मुक्ति दिलाते है।
और अधिक पढ़ेंश्री त्र्यम्बकेश्वर महादेव मंदिर के अंदर एक छोटे से गड्ढे में तीन छोटे-छोटे शिवलिंग हैं। ये तीन शिवलिंग ब्रह्मा, विष्णु और शिव के नाम से जाने जाते हैं। इस ज्योतिर्लिंग कि विषेश मान्यता है कि..
और अधिक पढ़ेंशिवपुराण में मान्यता है जो भक्त 12 ज्योतिर्लिग का नाम जापते हुए श्री भीमेश्वर के दर्शन करता है, उसके सात जन्मों के पाप मिटते है तथा स्वर्ग के मार्ग खुल जाते हैं।
और अधिक पढ़ेंओंकार और इश्वर अर्थात श्री ओंकारेश्वर, वह पवित्र स्थान जहॉं ओंकारेश्वर साक्क्षात विराजमान है। इस ज्योतिर्लिंग को शिव महापुराण में ‘परमेश्वर लिंग’ भी कहा गया है।
और अधिक पढ़ेंश्री मल्लिकार्जुन ‘मल्लिकाʼ का अर्थ माँ पार्वती है और ‘अर्जुनʼ शिव जी को कहा जाता है। अगर हम इन दोनों शब्दों की संधि करते हैं तो यह “मल्लिकार्जुन” शब्द बनता है।
और अधिक पढ़ेंब्रह्माण्ड के जनक और सोम के नाथ बाबा श्री सोमनाथ शिवपुराण के अनुसार इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना स्वयं चंद्रदेव ने किया था। चंद्रदेव को ‘क्षयग्रस्त’ हो जाने के…
और अधिक पढ़ेंराम के इश्वर श्री रामेश्वरम, जिसके आगे भी राम जिसके पीछे भी राम। इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान् श्रीरामचन्द्रजी ने किया था। स्कंदपुराण में इसकी महिमा का विस्तार से वर्णित है।
और अधिक पढ़ेंनाथों के नाथ बाबा केदारनाथ स्कंद पुराण’ में भगवान शिवजी माता पार्वती से कहते हैं, ‘हे प्राणेश्वरी! यह क्षेत्र उतना ही प्राचीन है, जितना कि मैं हूं। मैंने इसी स्थान पर सृष्टि की रचना के..
और अधिक पढ़ेंबाबा काशी विश्वनाथ शाम होते ही यह पवित्र नगरी काशी शिव मय हो जाती है। जिसके एक ओर कल-कल बहती गंगा तो दूसरी ओर अपने विराट स्वरूप में बाबा विश्वनाथ स्थित है।
और अधिक पढ़ेंकालों के काल कहे जाने वाले महाकाल की शक्ति से तो सम्पूर्ण विश्व परिचित है उज्जैन के राजा बाबा महाकाल की उत्पत्ति के संबंध मे पौराणिक कथाओं के अनुसार शिवपुराण की..
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