मित्र क्या आप भी 𝕄ℕ𝕊𝔾𝕣𝕒𝕟𝕥𝕙 को दक्षिणा स्वरूप कुछ सहायता राशि भेट करने के इच्छुक हैं..? यदि हॉं तब कृपया हमारे UPI ID, UPI Number या QR Code के माध्यम से (₹1) हम तक भेज सकते हैं। आपका हृदय से धन्यवाद।  ⬇ डाउनलोड QR कोड

कैसे अभी भी मैं हिन्दू हूॅं | Still I Am Hindu

मुख पृष्ठअभी भी मैं हिन्दू हूॅं।

कैसे अभी भी मैं हिन्दू हूॅं।

दोस्तों! मैं मनीष कुमार आपसे पुछना चाहता हूॅं। कि क्या आपने कभी सोचा हैं, आप अभी तक या यूं कहे पैदाइशी हिन्दू ही क्यों हैं। जबकि हमारे देश में अनेकों वर्ष मुगलों ने और अनेकों बर्ष ही अंग्रेजों ने शासन किया, और अब इस्लामिक कंट्टरपंथी, ईसाई मिशनरी यों ने उत्पाद मचा रखा है। दूसरे देशों को तो छोड़िए अपने देश के ही कई राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक हो चुके हैं। पर सवाल यह है कि हम अभी भी हिन्दू कैसे हैं।

तो दोस्तों इसके लिए हमें कई सौ वर्ष पूर्व जाना होगा, जब हमारे पूर्वजों ने मुगलों से अपने धर्मकी रक्षा करने के लिए सब कुछ त्याग दिया, अनेकों कष्ट सहे, प्राणों की आहूति दी, घोर यातनाएं सहीं, कट्टरपंथियों ने हिंदू धर्म न छोड़ने पर गांव के गांव जला दिये, घोर नरसंहार किया, अनेकों मंदिर, पुराणों, ग्रंथों, शास्त्रों और दुर्लभ प्रतिलिपियों को नष्ट या जला दिया, उस दौर में आनेको हिन्दू मुसलमान हुए, जो आज काफ़िर कहलाते हैं ना पूर्णतः मुसलमान है ना हिंदू है। परन्तु उसके बाद भी हमारे पूर्वजों ने अपना धर्म नहीं छोड़ा। जबकि हमारे कुछ इतिहासकारों ने मुगलों को ही महान बना रखा है।

फिर बारी आती है, ब्रिटिश साम्राज्य की उन्होंने उपरोक्त सब कुछ किया परन्तु हमारे कुछ बचें मंदिरों, शास्त्रों, पुराणों, ग्रंथों को नहीं जलाया, लेकिन उन्होंने हमारी संस्कृति, संस्कार और सभ्यता को नष्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, और हमारे ऊपर अपनी सभ्यता थोप कर हमें अपंग बना दिया, पूरे भारतवर्ष में अनेकों चर्चों का निर्माण करवा दिया, फिर धर्म परिवर्तन का नियंत्रण मदर टेरेसा के हाथों में आ गया। उसका प्रभाव इतना गहरा हुआ कि अनेकों हिन्दू ईसाई हो गए, और जो बचे रह गए वह अपनी सभ्यता, संस्कृति और संस्कार को भूलकर ईसाई सभ्यता को अपनाने लगे। धीरे-धीरे इनका भी दौर समाप्त हुआ, परंतु इस्लामिक और ईसाई कट्टरपंथियों ने अभी भी धर्म परिवर्तन का कार्य विधिवत जारी रखें हुए है।

यदि अब भी हमारी कुछ संस्कृति, संस्कार और सभ्यता बाकी है तो उसका पूर्णतः श्रेय जाता हैं ब्राह्मणों को, जिन्होंने इतना कुछ हो जानें के उपरान्त भी अपना कर्म और धर्म नहीं त्यागा, और आज भी हमारे हिन्दू धर्म को बचाए रखा है। हमारे पुराणों में ब्राह्मणों को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है, ये अपने प्रभाव मात्र से ही हमारे अंदर की संपूर्ण नाकारात्मक शक्ति, पाप, गलत विचार और दोष अपने अंदर सोख लेते हैं। परन्तु आज हम ब्राह्मणों का सम्मान तक नहीं करते बल्कि उसे इस्लामिक और ईसाई कट्टरपंथियों से भी बुरा मानते हैं। उन्हें हम नीच, घृणा और धिक्कार की भावना से देखते हैं।

जबकि हम स्वयं भी यह जानते हैं कि ब्राह्मणों का अस्तित्व समाप्त होना मतलब हमारी संपूर्ण संस्कृति, संस्कार, सभ्यता और शास्त्र का अंत। परन्तु यह पूर्णतः असंभव है। क्योंकि हमारी संपूर्ण संस्कृति, संस्कार, सभ्यता और शास्त्र का आधार ही ब्राह्मणों से हैं और सदैव ही रहेगा। शास्त्रों, पुराणों में ब्राह्मणों को कलयुग का देवता अर्थात ब्राह्मण देवता कहा गया हैं। क्योंकि यही ब्राह्मण एक दिन संपूर्ण पृथ्वी पर हिन्दू धर्म का परचम लहरायेगा। साक्ष्यों के आधार पर मैं कुछ पूर्व की भविष्यवाणी और विचार नीचे प्रस्तुत कर रहा हूॅं, विस्तार पूर्वक अवश्य पढ़ें!

कॉमन भविष्यवाणी:

नास्त्रेदमस और अच्युतानंद दोनों ही कहते हैं कि अंतरिक्ष से गिरेगा विशालकाय उल्कापिंड जो कई देशों को समुद्र में डूबो देगा। दोनों की भविष्यवाणी में भारत में किसी महान नेता के जन्म की बात कही है जो कि दुनिया को बदल कर रख देगा। तीनों भविष्यवक्ता कहते हैं कि तीसरा विश्व युद्ध होगा। बाबा वेन्गा के अनुसार महान युद्ध होगा जिसमें ड्रेगन दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति बन जाएगा, लेकिन हम इस भविष्यवाणी की चर्चा नहीं कर रहे हैं। यह एक अगल की भविष्यवाणी है।

इस भविष्यवाणी को कोई टाल नहीं सकता

नास्त्रेदम: ‘सागरों के नाम वाला धर्म चांद पर निर्भर रहने वालों के मुकाबले तेजी से पनपेगा और उसे भयभीत कर देंगे। ‘सांप्रदायिकता और श‍त्रुता के एक लंबे दौर के बाद सभी धर्म तथा जातियां एक ही विचारधारा को मानने लगेंगी।’ ‘तीन ओर घिरे समुद्र क्षेत्र में वह जन्म लेगा, जो बृहस्पतिवार को अपना अवकाश दिवस घोषित करेगा।

उसकी प्रसंशा और प्रसिद्धि, सत्ता और शक्ति बढ़ती जाएगी और भूमि व समुद्र में उस जैसा शक्तिशाली कोई न होगा।’ ‘लाल के खिलाफ एकजुट होंगे लोग, लेकिन साजिश और धोखे को नाकाम कर दिया जाएगा।’ ‘पूरब का वह नेता अपने देश को छोड़कर आएगा, पार करता हुआ इटली के पहाड़ों को और फ्रांस को देखेगा। वह वायु, जल और बर्फ से ऊपर जाकर सभी पर अपने दंड का प्रहार करेगा।

अच्युदानंद: सभी श्रीकृष्‍ण के भक्त होंगे। रूस एक हिन्दू देश बन जाएगा। रशिया से सैंकड़ों लोग जगन्नाथजी के दर्शन करने आएंगे और ढेर सारा सोना अर्पित करेंगे। भविष्यवाणी के अनुसार एक संत के हाथों में होगी देश की बागडोर जो अविवाहित होगा। वही संपूर्ण क्षत्रप होगा। वहीं दुनिया में सनातन धर्म की स्थापना करेगा। यह तब होगा जब गगन गादी पर होंगे और ओड़िसा के दिव्यसिंह राजा गादी पर होंगे।

एनी वेसेंट: एनी वेसेंट ने हिन्दू धर्म को विश्व का सर्वोच्च धर्म बतलाया। उन्होंने उसे सभी मत-पंथों की जननी कहा। उसने हिन्दू धर्म में पूर्णत: विज्ञान तथा धर्म में सामंजस्य पाया। उसका कथन है कि बिना हिन्दुत्व के भारत का कोई भविष्य नहीं है। इसका यह मतलब है कि यदि कुछ लोग यह सोचते हैं कि धर्मान्तरण करके या अपना पितृ धर्म छोड़कर उसे खतरे में डाल देंगे तो यह भी तय है कि उनका अस्तित्व भी खतरे में ही होगा। विदे‍शी आक्रमणकारियों और धर्माचायों के कारण अपना धर्म बदलने वाले जितनी जल्दी इस बात को समझ लें तो अच्‍छा है।

रोमां रोला: फ्रांस के नोबल पुरस्कार विजेता दार्शनिक रोमां रोला ने विश्व में हिन्दू धर्म को सर्वश्रेष्ठ माना है। उन्होंने लिखा, ‘मैंने यूरोप और मध्य एशिया के सभी मतों का अध्ययन किया है, परंतु मुझे उन सब में हिन्दू धर्म ही सर्वश्रेष्ठ दिखाई देता है। मेरा विश्वास है कि इसके सामने एक दिन समस्त जगत को झुकना पड़ेगा। पृथ्वी पर केवल एक स्थान है जहां के जीवित व्यक्तियों ने प्राचीन काल में अपने स्वप्नों को साकार किया, वह है भारत।

भविष्यवक्ता ऑर्थर चाल्‍​र्स क्लार्क: ‘जिस प्रकार इस समय संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय अमेरिका में है। उसी प्रकार संयुक्त ग्रह राज्य संघ का मुख्यालय मंगल ग्रह या गुरु पर हो सकता है। सन् 1981 तक भारत अपने आप में शक्तिशाली हो जाएगा तथा वहां से एक ऐसी जबरदस्त विचार क्रांति उठेगी, जो पूरे विश्व को प्रभावित करेगी। भारत का धर्म और अध्यात्म पूरा विश्व स्वीकार करेगा।’ 20वीं सदी के अन्त से पहले एक देश विज्ञान की उन्नति में सब देशों को पछाड़ देगा परन्तु भारत की प्रतिष्ठा विषेशकर इसके धर्म और दर्शन से होगी, जिसे पूरा विश्व अपना लेगा। यह धार्मिक क्रान्ति 21वीं सदी के प्रथम दशक में सम्पूर्ण विश्व को प्रभावित करेगी और मानव को आध्यात्मिकता पर विवश कर देगी।

पीटर हरकौस: इस शताब्दी के महानतम भविष्यवक्ता पीटर हरकौस ने अपनी भविष्यवाणी में लिखा है कि ‘भारत में आध्यात्मिकता तथा धार्मिकता की जो लहर उठेगी, वह सारे विश्व में छा जाएगी।’

क्रूजर: फ्रांस के प्रसिद्ध विद्वान क्रूजर ने भारत के बारे में कहा था, ‘यदि पृथ्वी पर कोई ऐसा देश है, जो स्वयं को मानव जाति का पालना होने की घोषणा करने का अधिकारी है अथवा प्रारंभिक सभ्यता का द्रष्टा है, जिसकी सभ्यता की किरणों ने प्राचीन विश्व के सभी भागों को आलोकित किया है, जिसने ज्ञान के वरदान से मनुष्य को द्विज बनाया है, प्राकृत से संस्कृत किया है, तो वह देश वास्तव में भारतवर्ष है।’

जूल्स वर्ने: विज्ञान कथाकार जूल्स के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच जंग छिड़ेगी। बांग्लादेश बनेगा। अंत में पाकिस्तान एक छोटे से टापू जैसा रह जाएगा। इसका कुछ भाग अफगानिस्तान ले लेगा और कुछ में स्वतंत्र बलूचिस्तान बन जाएगा। भारत, चीन की ली गई भूमि वापस ले सकेगा। इसी समय तक तिब्बत भी स्वतंत्र हो जाएगा। बाद में चीन एटम बम बनाएगा। संपन्न देशों को हर्षल, प्लूटो आदि ग्रहों की भी विस्तृत जानकारी मिल जाएगी और मनुष्य शुक्र तथा मंगल ग्रह तक पहुंच जाएगा। भारत अत्यधिक शक्तिशाली बनकर उभरेगा। विश्व में उसका सम्मान बढ़ता चला जाएगा।

दुनियाभर की मुख्य भविष्यवाणी

लियो टॉल्स्टॉय (1828-1910): हिन्दू और हिन्दुत्व ही एक दिन पूरी दुनिया पर राज करेगा क्योंकि इसी में ज्ञान और बुद्धि का संयोजन है।’

अल्बर्ट आइंस्टीन (1879-1955): मैं समझता हूं कि हिंदुओं ने अपनी बुद्धि और जागरूकता के माध्यम से वह किया है जो यहूदी न कर सकें, हिन्दुत्व में ही वह शक्ति है जिससे शांति स्थापित हो सकती है।’

जोहान गीथ (1749-1832): ‘हम सभी को अभी या बाद में हिन्दू धर्म स्वीकार करना ही होगा। यही असली धर्म है, मुझे कोई हिन्दू कहे तो मुझे बुरा नहीं लगेगा। मैं इस सही बात को स्वीकार करती हूं।

हर्बर्ट वेल्स (1846-1946): हिन्दुत्व का प्रभावीकरण फिर होने तक अनगिणत पीढ़ियां अत्याचार सहेंगी। तभी एक दिन पूरी दुनिया इसकी ओर आकर्षित हो जाएगी और उसी दिन ही दिल शाद होंगे और उसी दिन दुनिया आबाद होगी सलाम हो उस दिन को।

हसटन स्मिथ (1919-2016): ‘जो विश्वास हम पर है और हम से बेहतर कुछ भी दुनिया में है तो वो हिन्दुत्व है। अगर हम अपना दिल और दिमाग इसके लिए खोलें तो उसमें हमारी ही भलाई होगी।’

माइकल नोस्टरीडाम (1503-1566): ‘हिन्दुत्व ही यूरोप में शासक धर्म बन जाएगा बल्कि यूरोप का प्रसिद्ध शहर हिन्दू राजधानी बन जाएगा।’

बर्ट्रेंड रसेल (1872-1970): ‘मैंने हिन्दुत्व को पढ़ा और जान लिया कि यह सारी दुनिया और सारी मानवता का धर्म बनने के लिए है, हिन्दुत्व पूरे यूरोप में फैल जाएगा और यूरोप में हिन्दुत्व के बड़े विचारक सामने आएंगे। एक दिन ऐसा आएगा कि हिन्दू ही दुनिया की वास्तविक उत्तेजना होगा।

गोस्टा लोबोन (1841-1931): ‘हिन्दू ही सुलह और सुधार की बात करता है। सुधार ही के विश्वास की सराहना में ईसाइयों को आमंत्रित करता हूँ।’

बर्नाड शॉ (1856-1950): ‘सारी दुनिया एक दिन हिन्दू धर्म स्वीकार कर लेगी, अगर यह वास्तविक नाम स्वीकार नहीं भी कर सकी तो रूपक नाम से ही स्वीकार कर लेगी। पश्चिम एक दिन हिन्दुत्व स्वीकार कर लेगा और हिन्दू ही दुनिया में पढ़े लिखे लोगों का धर्म होगा।

दोस्तों आपको यह हमारा लेख कैसा लगा.? कृपया अपनी प्रतिक्रिया नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में व्यक्त करें।

 मुख पृष्ठ 

Go And Get Your MNSGranth Certificate Now

MNSGranth

We Are Prepare You For The Future.

अपना बिचार व्यक्त करें।

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

0%
 📖 आगे पढ़ें 
 SHORTS
1
215
2
1
0
🔖 पसंदीदा पोस्ट ✖️

Discover more from 𝕄ℕ𝕊𝔾𝕣𝕒𝕟𝕥𝕙

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Trishul