काल भैरव – शिव के दूसरे स्वरूप | Kaal Bhairav
शिव के दूसरे रूप काल भैरव जयन्ती की कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन जयन्ती की अपनी अलग ही विशेषता है। ये अपने भक्तों की संपूर्ण मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
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और अधिक पढ़ेंविष्णु का जन्म जब संपूर्ण ब्रह्मांड मे केवल रात्रि का ही साम्राज्य था। उस समय केवल एकमात्र ‘सत ब्रह्म’ अर्थात सदाशिव की ही सत्ता विद्ध्मान थी।
और अधिक पढ़ेंशिव जन्म- जब संपूर्ण ब्रह्मांड जलमग्न था, तब ब्रह्मा, विष्णु और महेश के अलावा कोई भी अस्तित्व में नहीं था। तब भगवान विष्णु ही शेषनाग पर विश्राम करते हुए नजर
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